"मैं आत्माराम, एक विचारक और लेखक हूँ जो आधुनिक समाज की विसंगतियों और मानवीय मूल्यों पर अपने विचार साझा करता हूँ।"

मंगलवार, 2 जून 2026

  “विधायक बस में बैठे जनता पार्टी के… और लौटे कांग्रेस के!” — भजनलाल की सबसे चर्चित चाल

“एक रात में पूरी सरकार कांग्रेस बन गई!” — भजनलाल का वो राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक जिसने देश को चौंका दिया 




अगर भारतीय राजनीति में “सत्ता बचाने की कला” पर कोई किताब लिखी जाए, तो उसमें Bhajan Lal का यह ऑपरेशन जरूर पढ़ाया जाएगा।

यह सिर्फ दल बदल नहीं था।

यह ऐसा राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक था जिसमें:

मुख्यमंत्री वही रहा,

मंत्री वही रहे,

विधायक वही रहे,

सिर्फ पार्टी बदल गई।

और यह सब इतनी तेजी से हुआ कि पूरा देश हैरान रह गया।


इंडियन नेशनल कांग्रेस 1977 की इमरजेंसी में पूरे देश में हार गई थी

हरियाणा में ताऊ देवीलाल की जनता पार्टी ने सरकार बनाई

जनता पार्टी की सरकार में चौधरी भजनलाल जी मंत्री थे लेकिन भजन लाल जी को सिर्फ मंत्री रहना मंजूर नहीं था वह हरियाणा की पूरी कमान हाथ में लेना चाहते थे

वैसे भजन लाल जी राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी थे

उनके संबंध हर विधायक से व्यक्तिगत थे अफसरशाही भी उनके हाथ की थी और बड़ी बात यह थी कि वह सत्ता का गणित भली भांति समझते थे

भजनलाल जी पहले माहौल देखते थे फिर उसके हिसाब से चाल चलते थे 

बात 1979 की है जनता पार्टी के अंदर खींचतान और लड़ाई चल रही थी 

देवीलाल जी और भजनलाल जी के बीच भी खींचतान चल रही थी

तब भजनलाल ने फिल्मी स्टाइल की तरह एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया

जो भी पार्टी में है असंतुष्ट विधायक थे उन सब को एक लग्जरी बस में चड्ढा के पूरे देश का भ्रमण करवाने चले गए, साथ में ऐशो-आराम की सारी चीज उन्हें दी , सब कुछ लग्जरी होटल, रेस्टोरेंट जो चाहिए वह सब दिया विधायकों को

भजन लाल जी का उद्देश्य यह था कि विधायकों को अपने खेमे में सुरक्षित रखना

यह रणनीति उस समय की सबसे बड़ी रणनीति मानी गई

फिर होना क्या था ताऊ देवीलाल की सरकार गिर गई

29 जून 1979 को भजनलाल मुख्यमंत्री बन गए

लेकिन अभी असली खेल बाकी था

जनवरी 1980 में इंदिरा गांधी जी वापस केंद्र में सत्ता में आ गई

अब समस्या यह थी कि

हरियाणा में मुख्यमंत्री भजनलाल थे और सरकार जनता पार्टी की थी भजनलाल को डर था कि केंद्र की कांग्रेस सरकार उनकी सरकार गिरा ना दे

फिर दोबारा भजनलाल ने भारतीय राजनीति की चर्चित चाल चली

22 जनवरी 1980 को  भजन लाल अपने 30 से 35 विधायकों को लेकर दिल्ली पहुंच गये

 फिर जनता पार्टी के मंत्री विधायक सभी कांग्रेस में मिल गये,

सबसे बड़ी बात मुख्यमंत्री पद भजनलाल के पास रहा

यानी की विधायक वही रहे, कुर्सी वही रही… बस झंडा बदल गया 

एक ही रात में पूरी सरकार कांग्रेस बन गई


उस समय कांग्रेस पूरे देश में वापसी कर रही थी।

भजनलाल ने सही समय पर कांग्रेस जॉइन करके खुद को सुरक्षित कर लिया।


अंत में भजनलाल ने साबित कर दिया था कि राजनीति में सिर्फ चुनाव नहीं, सही समय पर सही चाल ही सबसे बड़ी ताकत होती है।

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